भारत के पारम्परिक अनाजो में ज्वार का महत्वपूर्ण स्थान है…. हमारी कई पीढ़ियों को ऊर्जा देने का काम ज्वार ने किया है, पर अब तो हम इसे भूल से गये है… ज्वार को जोन्ना, ज्वारी,जोल आदि नामों से जाना जाता है… आज भी यह अनाज विश्व मे पांचवा स्थान रखता है,वही भारत मे तृतीय स्थान है…एक समय था कि ज्वार की रोटी के साथ ,ज्वार की राबड़ी,ज्वार के फुल्ले, आदि का सेवन बड़े चाव से किया जाता था पर अबतो कई जगह देखने को तक नही मिलती…..हमारे मालवा में जब #शादी होती है तो ज्वार के चारे से मंडप को ढका जाता रहा है पर अब यह बहुत कम मिलती है तो लोग बिना इसके ही मंडप कर लेते है…!!अब तो ज्वार की नये नये शंकर बीजो से पशुओ के लिए चारा वाली ज्वार बोते है,, जो कभी कभी पशुओ की जान तक ले लेती हैं..। आज ज्वार के योग से अनेक प्रकार की #शराब भी बनाई जाती है वही #बॉयोडीजल में प्रयोग रतनजोत की जगह अब ज्वार की उपयोगिता ऊर्जा के इस क्षेत्र में बढ़ने लगी हैं..।

ज्वार के #औषधीय गुणों की चर्चा करना हो तो पूरा दिन लग जाये,,,यह इतनी गुणकारी है..
1. ज्वार में बहुत सारा फाइबर होता हैं. इसलिए इसे खाने से वजन नही बढ़ता हैं.।

2. इसे खाने से किसी भी तरह का दिल का रोग नही होता हैं. यह डायबिटीज और क़ब्ज़ को दूर रखता हैं.।

3. ज्वार के कच्चे दाने पीस कर उसमे थोड़ा कत्था और चुना मिला कर लगाने से चेहरे के मुहासे दूर हो जाते हैं.।

4. यदि गर्मी की वजह से शरीर में जलन हो तो , ज्वार का आटा पानी में घोल ले, और नहाने से पहले उसका शरीर पर लेप करे.।

5. यह पेट की जलन को मिटाता हैं. भूनी ज्वार बताशो के साथ खाने से पेट की जलन और ज़्यादा प्यास लगना बंद हो जाते हैं.।

6. ज्वार बवासीर और घाव में फायदेमंद हैं.।

7. ज्वार विटामिन बी काम्प्लेक्स का अच्छा सोर्स हैं. वेजिटेरियन लोगो के लिए ज्वार का आटा प्रोटीन का एक अच्छा सोर्स हैं.।

8. रिसर्च बताते हैं की ज्वार कुछ खास किस्म के कैंसर के ख़तरे को कम कर देता हैं.।

9. ज्वार में कई तरह के मिनरल्स, प्रोटीन और विटमिन्स पाए जाते हैं. वे पूरे शरीर को पोषण प्रदान करते हैं.।

10. ज्वार के नियमित सेवन से कार्डियोवॅस्क्युलर हेल्दी रहता हैं. साथ ही कोलेस्टरॉल को भी कंट्रोल करता हैं.।

11. गर्मी में इसका सेवन अल्सर रोगियो के लिए विशेष रूप से लाभदायक होता हैं. इसका दलिया खाने से शरीर को ठंडक मिलती हैं.

12. ज्वार के दानो की राख बना कर मंजन करने से दांतो का हिलना , उनमे दर्द होना बंद हो जाता हैं और मसूड़ो की सूजन ख़त्म हो जाती हैं.

#ज्वार_महोत्सव

ज्वार के प्रति चेतना वापस आ रही है। हाल ही मध्य प्रदेश के रीवा जिले के मोजरा कोनी में श्री जगदीशसिंह यादव जी के नेतृत्व में “ज्वार महोत्सव” का आयोजन किया गया। इस आयोजन की मुख्य बात यह है कि इसमें होने वाले सहभोज में सभी पकवान ज्वार के ही थे, अलग अलग क्षेत्र के विद्वान ज्वार पर अपनी राय रखेगे वही देशी बीजो की अलख जगाने वाले Babulal Dahiya जी का ज्वार से तोलकर सम्मान भी किया गया।

ज्वार से जुड़ी कोई जानकारी हो तो आप अवश्य शेयर करे..।

नंदकिशोर प्रजापति कानवन

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